केन्द्रीय भूमि जल बोर्ड
केंद्रीय भूमिजल बोर्ड के कार्य
- दूरसंवेदी, भूभौतिकीय एवं जल रासायनिक अध्ययनों की अनुपूरक सहायता से क्षेत्र विकास भूमिजल विकास और प्रबंधन की योजना तैयार करने के लिए भूजल प्रबंधन अध्ययन ।
- भूजल संभाव्य क्षेत्रों और गहरे जलभृतों का पता लगाने के लिए वेधन के माध्यम से भूजल अन्वेषण करना ।
- देश के भूजल संसाधन का आवधिक मूल्यांकन सहित कार्य प्रणाली को प्रभावी एवं अद्यतन बनाना ।
- भूजल प्रेक्षण कुओं के माध्यम से भू जल का स्तर और गुणवत्ता की मानीटरिंग ।
- प्रदर्शनात्मक कृत्रिम पुनर्भरण और वर्षा जल संचयन स्कीमों का कार्यान्वयन करना, भूजल संवर्धन क्षेत्र विशिष्ट प्रणालियों को लोकप्रिय बनाना ।
- भूजल आंकड़ों के भंडारण संसाधन एवं प्रचार-प्रसार हेतु डाटा भण्डारण और सूचना प्रणाली का विकास और इसे अद्यतन करना ।
- राज्य सरकार के संगठनों के समन्वय से भूजल विकास और प्रबंधन का विनियमन एवं नियंत्रण ।
- सरकारी, अर्धसरकारी और उपयोगिता अभिकरणों के लिए जल आपूर्ति अन्वेषण ।
- कृषि औद्योगिक और संबद्ध उद्देश्यों सहित विभिन्न प्रकार के उपयोग के लिए भूजल की उपयुक्तता का निर्धारण करने के लिए भू - जल की गुणवत्ता का मूल्यांकन.।
- रिपोर्ट, मानचित्र, भू - जल एटलस और विवरणिका और आयोजकों, प्रशासकों, और दावाधारकों के लिए सूचना का प्रचार-प्रसार करना ।
- भूजल के अध्ययन के लिए बेंचमार्क कार्य प्रणाली स्थापित करने के लिए समन्वय।
- भूजल में अनुसंधन एवं विकास अध्ययन तथा भूजल अन्वेषण, विकास और प्रबंधन के लिए नई प्रौद्यागिकियों/ तकनीक का प्रयोग करना ।
- उपयुक्त प्रयोग जल की कुशल प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन।
- ड्रिलिंग रिग, हाइड्रोलॉजिकल, भूभौतिकीय और रासायनिक विश्लेषण उपकरणों आदि जैसे अत्याधुनिक उपकरणों के प्रयोग के माध्यम से बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण
- क्षमता निर्माण और ज्ञान का आदान-प्रदान ।
- केंद्रीय भूमि जल बोर्ड के लिए बुनियादी ढांचे (कार्यालयों, आदि कार्यशालाओं) का विकास।