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केन्‍द्रीय भूमि जल बोर्ड

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केंद्रीय भूमिजल बोर्ड के कार्य

  1. दूरसंवेदी, भूभौतिकीय एवं जल रासायनिक अध्‍ययनों की अनुपूरक सहायता से क्षेत्र विकास भूमिजल विकास और प्रबंधन की योजना तैयार करने के लिए भूजल प्रबंधन अध्‍ययन ।
  2. भूजल संभाव्‍य क्षेत्रों और गहरे जलभृतों का पता लगाने के लिए वेधन के माध्‍यम से भूजल अन्‍वेषण करना ।
  3. देश के भूजल संसाधन का आवधिक मूल्यांकन सहित कार्य प्रणाली को प्रभावी एवं अद्यतन बनाना ।
  4. भूजल प्रेक्षण कुओं के माध्यम से भू जल का स्तर और गुणवत्ता की मानीटरिंग ।
  5. प्रदर्शनात्‍मक कृत्रिम पुनर्भरण और वर्षा जल संचयन स्‍कीमों का कार्यान्‍वयन करना, भूजल संवर्धन क्षेत्र विशिष्‍ट प्रणालियों को लोकप्रिय बनाना ।
  6. भूजल आंकड़ों के भंडारण संसाधन एवं प्रचार-प्रसार हेतु डाटा भण्‍डारण और सूचना प्रणाली का विकास और इसे अद्यतन करना ।
  7. राज्‍य सरकार के संगठनों के समन्‍वय से भूजल विकास और प्रबंधन का विनियमन एवं नियंत्रण ।
  8. सरकारी, अर्धसरकारी और उपयोगिता अभिकरणों के लिए जल आपूर्ति अन्‍वेषण ।
  9. कृषि औद्योगिक और संबद्ध उद्देश्यों सहित विभिन्न प्रकार के उपयोग के लिए भूजल की उपयुक्तता का निर्धारण करने के लिए भू - जल की गुणवत्ता का मूल्यांकन.।
  10. रिपोर्ट, मानचित्र, भू - जल एटलस और विवरणिका और आयोजकों, प्रशासकों, और दावाधारकों के लिए सूचना का प्रचार-प्रसार करना ।
  11. भूजल के अध्ययन के लिए बेंचमार्क कार्य प्रणाली स्‍थापित करने के लिए समन्वय।
  12. भूजल में अनुसंधन एवं विकास अध्‍ययन तथा भूजल अन्‍वेषण, विकास और प्रबंधन के लिए नई प्रौद्यागिकियों/ तकनीक का प्रयोग करना ।
  13. उपयुक्त प्रयोग जल की कुशल प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन।
  14. ड्रिलिंग रिग, हाइड्रोलॉजिकल, भूभौतिकीय और रासायनिक विश्लेषण उपकरणों आदि जैसे अत्याधुनिक उपकरणों के प्रयोग के माध्यम से बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण
  15. क्षमता निर्माण और ज्ञान का आदान-प्रदान ।
  16. केंद्रीय भूमि जल बोर्ड के लिए बुनियादी ढांचे (कार्यालयों, आदि कार्यशालाओं) का विकास।