केन्द्रीय भूमि जल बोर्ड

अध्यक्ष की कलम से
तीव्र गति से बदती जनसंख्या एवं बदलती जीवन शैली के साथ हमारी पृथ्वी के प्रकृतिक संसाधनो पर दबाब बदता है। यह सर्वोपरि है की मानव अस्तित्व के लिए आवश्यक मौलिक संसाधन अर्थात वायु,भूमि और जल का उपयुक्त प्रबंध होना चाहिए। इन संसाधनों की मात्र एवं गुणवत्ता पर्याप्त खाद्य आपूर्ति एवं लोक स्वस्थ्य को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है । जीवन की गुणवत्ता के संदर्भ में विशेष रूप भूजल संसाधनों के प्रबंधन का समाज पर गहरा प्रभाव पड़ता है।
हरित क्रांति के माध्यम से खाद्य उत्पादन में आत्मनिर्भरता हमारे देश की स्वतन्त्रता के पश्चात युग की सबसे उत्कृष्ट उपलब्धियों में से एक है। इस उपलब्धि की दिशा में भूजल की अहम भूमिका रही है। भूजल समान्यतः एक विश्वसनीय स्त्रोत होने के कारण कृषि उत्पाद एवं उत्पादकता के साथ-साथ लाखों लोगों की आजीविका इसके विकास से प्रभावित होती है। हमारे देश में भूजल सिंचाईं में लगे किसानों की एक बड़ी संख्या द्वारा भूजल का शोषण किया जाता है। अब तक भूजल संसाधन से संबन्धित अनुसंधान गतिविधियों में संलग्न अभिकरणों द्वारा इस संसाधन के विकास की बजाए प्रबंधन पर अधिक ज़ोर दिया गया है।
जल संचयन, जल के कुशल उपयोग, जल के पुनः उपयोग ,भूजल पुनर्भरण तथा परिस्थितिकी स्थायित्वता से संबन्धित विषयों पर पर्याप्त ध्यान न दिये जाने के कारण जल की कमी की समस्या और अधिक बाद गयी है। इससे कुछ वर्ग विशेष के मध्य यह संदेह पैदा हो गया है की देश में भूजल उपलब्धता परिदृश्य की स्थिति गंभीर अवस्था में पाहूञ्च गयी है तथा सिंचाईं के लिए भविष्य में भूजल के विकास की कोई गुंजाइश नहीं रह गयी है। यद्यपि टाठी यह है की भूजल विकास का समग्र चरण मात्र 58% है। यद्यपि छुटपुट स्थानीय क्षेत्रों में अतिदोहन की स्थिति दृष्टिगोचर होती है और 5723 आकलन इकाइयों में से 839 को अति दोहित घोषित किया गया है, तथापि आज बुनयादी मामला भूजल के वैज्ञानिक प्रबंधन का ही है।
भूजल संबंधी मामलों पर ध्यान देने के लिए केन्द्रीय भूमि जल बोर्ड ने पहल करते हुये वैज्ञानिक आधार पर अंततः जलभृतवार भूजल प्रबंधन योजना विकसित करने के लिए 1:50000 मापन पर अथवा कई चुनिन्दा स्तनों पर इससे वृहद मापन पर देश के जलभृत्त मानचित्र तैयार किए हैं। हम भूजल विकास एवं प्रबंधन में लगे हुए शैक्षणिक संस्थानों के साथ साथ राज्य एवं केंद्रीय सरकार के अभिकरणों का स्वागत करते हैं जिनहे वैज्ञानिक भूजल प्रबंधन के क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकासात्मक गतिविधियों का अपार अनुभव है, कि हम वर्तमान एवं उभरती चुनौतियों के समाधान हेतु साथ मिलकर कार्य करें । केंद्रीय भूमिजल बोर्ड देश के भूजल संसाधनों के स्थायी प्रबंधन कि भविष्य दृष्टि के लक्ष्य को प्राप्त करने के उदेश्य मे सभी दावधारकों के साथ कंधे से कंधा मिलकर आगे बदेगा।
डॉ. एस सी धीमान
अध्यक्ष