केन्द्रीय भूमि जल बोर्ड
अवसंरचनात्मक विकास
जल संसाधन मंत्रालय की अवसंरचनात्मक स्कीम के तहत दो गतिविधियों को आरंभ किया गया है:
1. केंद्रीय भूमिजल बोर्ड के कार्यालयों के लिए भूमि का अधिग्रहण और भवनों का निर्माण
2. सूचना प्रौद्योगिकी योजना
सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) योजना का लक्ष्य ई गर्वनेस के न्यूनतम एजेंडा तथा व्यक्तिगत और नागरिक सेवाओं संबंधी जानकारी के कम्प्यूटरीकरण को बढ़ावा देने के लिए विशेषज्ञ समूह की सिफारिशों पर भारत सरकार के निर्णय को कार्यान्वित करना है । शक्तिशाली डेटा प्राप्ति उपकरणों के साथ इंटरनेट के रूप में इस तरह की तकनीकों में, प्रसार के माध्यम से बोर्ड प्रशासन और प्रबंधन की गतिविधियों के लिए आईटी समर्थन में क्रांतिकारी बदलाव के लिए सक्षम होगा । केंद्रीय भू - जल बोर्ड की विविध गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए, आईटी के उपयोग बहुत कम है, बुनियादी कामकाज, प्रशासनिक सेट अप और प्रबंधन अभी भी अल्पविकसित हैं । एक वेब आधारित सु विधा के सृजन का प्रस्ताव है जिससे इंटरनेट की क्षमताओं को ई गर्वनेंस में रूपांतरित किया जा सके । ड्रिलिंग कार्य, इन्वेंटरी प्रबंधन, मानव संसाधन, खरीद, वित्तीय प्रबंधन, प्रशासनिक प्रक्रियाओं आदि के रूप में कई परिचालन और प्रशासनिक प्रक्रियएं, मानकीकृत वेब - सक्षम अनुप्रयोगों के माध्यम से स्वचालित किया जाएगा, जिससे कई कार्य स्वत: किये जा सकेंगे ।
वर्तमान में अधिकांश प्रक्रियाएं हस्तचालित हैं। हालांकि केंद्रीय मुख्यालय कार्यालय, क्षेत्रीय, प्रभागीय और राज्य एकक कार्यालय में पर्सनल कंप्यूटर, लैन और इंटरनेट सुविधा प्रदान की गई है, लेकिन आईटी का उपयोग या तो वर्ड प्रोसैसिंग / स्प्रैडशीट अथवा लघु स्वतंत्र डेटाबेस/ प्रक्रिया के लिए सीमित है.। विभिन्न प्रक्रियाओं के बीच संबंध की कमी आईटी के उपयोग को सीमित करती है। इसलिए इंटरनेट और भण्डारण प्रैद्योगिकी / उपकरण और अनुप्रयोगों का उपयोग कर डेटाबेस की एक एकीकृत प्रणाली स्थापित करने का प्रस्ताव है। संबंद्ध प्रयोग सहित एक एकीकृत/ मानकीकृत /वेब आधारित पर्यावरण आईटी की क्षमताओं को ई गर्वनेंस में रूपांतरित करेंगे। अनुप्रयोगों के साथ एकीकृत/समाहित और केंद्रीकृत डेटाबेस से "कम कागज” कार्यालय की अवधारणा को पूरा किया जा सकता है। सुलभ सूचनाओं से सहयोगी प्रसंस्करण और सामूहिक कार्य में सुविधा होगी ।
आईटी योजना को एनआईसी के माध्यम से एक "सहयोगात्मक परियोजना के रूप में लागू किया जाना प्रस्तावित है. एनआईसी की सलाह पर भू - जल प्रबंधन और स्वामित्व "पर विशेषज्ञ समूह संबंधी योजना आयोग की रिपोर्ट की सिफारिश पर प्रायोगिक अध्ययन के लिए एक प्रायोगिक भूजल प्रबंधन प्रणाली को विकसित किया जाना प्रस्तावित है ।
आईटी योजना के तहत निम्नलिखित गतिविधियॉं प्रस्तावित हैं:
- हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर, नेटवर्किंग उपकरण और बाह्य उपकरणों की खरीद
- वेब सक्षम एकीकृत प्रशासनिक और वित्तीय प्रबंधन प्रणाली का विकास
- वेब सक्षम ड्रिलिंग ऑपरेशन प्रबंधन प्रणाली का विकास
- वेब सक्षम एकीकृत सामग्री प्रबंधन प्रणाली का विकास
- राष्ट्रीय भूजल सूचना प्रणाली- नागरिक इंटरफेस का विकास
- प्रायोगिक भूजल प्रबंधन प्रणाली का विकास.
- प्रशिक्षण / कार्यशाला /सेमिनार